अमेरिका की नई नीति से हिली सोलर इंडस्ट्री : Waaree Energies और Premier Energies के शेयर गिरे
🔑 मुख्य बातें
- अमेरिकी टैक्स बिल के चलते Waaree और Premier Energies के शेयरों में 11% तक की गिरावट
- बिल में सोलर सब्सिडी और ग्रीन एनर्जी प्रोत्साहन खत्म करने का प्रस्ताव
- दोनों कंपनियों की कमाई में अमेरिकी निर्यात का बड़ा हिस्सा
- मजबूत तिमाही नतीजे होने के बावजूद निवेशकों में डर
- अब निगाहें अमेरिकी सीनेट के फैसले पर
एक बड़ी खबर के चलते, शुक्रवार 23 मई 2025 को भारतीय सोलर कंपनियों Waaree Energies और Premier Energies के शेयरों में जोरदार गिरावट देखी गई। यह गिरावट अमेरिका में प्रस्तावित टैक्स बिल को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण हुई, जो क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) सब्सिडी को कम करने की योजना बना रहा है। यही सब्सिडी पिछले कुछ सालों में सोलर इंडस्ट्री की ग्रोथ में मददगार रही है।
क्या हुआ शेयर मार्केट में?
Waaree Energies का शेयर ₹2,664 के न्यूनतम स्तर तक पहुंचा और अंत में -7.74% की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि Premier Energies का शेयर ₹1,022 तक गिरकर -1.96% नीचे बंद हुआ । ये गिरावट उस समय हुई जब NSE Nifty में 0.99% की तेजी देखी गई और वह 24,853.15 पर बंद हुआ।
इन शेयर में गिरावट की वजह क्या है?
अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 215–214 के बेहद करीबी अंतर से एक विवादित टैक्स बिल पास हुआ। इस बिल में ये निम्नलिखित प्रस्ताव है:
- घरेलू सोलर सिस्टम पर मिलने वाली 30% टैक्स क्रेडिट को हटाना
- प्रदूषण और इलेक्ट्रिक वाहनों को कम करने वाली ग्रांट को खत्म करना
- ग्रीन एनर्जी से जुड़े प्रोत्साहन खत्म करना
- बॉर्डर सिक्योरिटी और इमिग्रेशन पर फंड बढ़ाना
- 2017 के ट्रंप युग के टैक्स कट्स को बढ़ाना
➡️ यह बिल अभी सीनेट में पास होना बाकी है, लेकिन इसके हाउस से पास होने की खबर ने पहले ही वैश्विक बाजारों को हिला दिया है।
लेकिन भारतीय कंपनियां क्यों प्रभावित हुईं?
हालांकि ये नीति अमेरिका की है, लेकिन Waaree और Premier जैसे भारतीय सोलर उत्पादक अपने कारोबार का बड़ा हिस्सा अमेरिका को निर्यात करते हैं।
✅ Waaree Energies :
- ₹47,000 करोड़ का ऑर्डर बुक
- 57% ऑर्डर निर्यात से
✅ Premier Energies:
- ₹8,400 करोड़ की डील्स
- 73% मॉड्यूल्स, 27% सेल्स, अधिकांश अमेरिकी क्लाइंट्स

दमदार तिमाही नतीजे, फिर भी शेयर गिरे
Waaree Energies (Q4 FY25):
- मुनाफा: ₹619 करोड़ (+34%)
- रेवेन्यू: ₹4,003.9 करोड़ (+36.4%)
- EBITDA: ₹1,059.57 करोड़ (+116%)
- मार्जिन: 25.6%
Premier Energies (Q4 FY25):
- मुनाफा: ₹278 करोड़ (+167%)
- बिक्री: ₹1,621 करोड़ (+43.8%)
- ऑर्डर बुक: 5.3 GW
कंपनी की हाल की गतिविधियां
Waaree Energies ने विस्तार की ओर कई कदम उठाए हैं:
- Kamath Transformers Pvt. Ltd का अधिग्रहण ₹293 करोड़ में
- Green New Delhi Forever Energy Pvt. Ltd का अधिग्रहण
- अमेरिका में Brookshire फैसिलिटी में $1 बिलियन निवेश, 2027 तक 3GW से 5GW क्षमता
विशेषज्ञों का क्या कहना है ?
- Money Mint Idea: ₹2,850–₹3,350 का टारगेट
- SharePrice-Target.com: ₹1,863–₹4,386 की रेंज
- एनालिस्ट रेटिंग: 25% “Buy”, 50% “Sell”, बाकी Neutral
अब नज़रें अमेरिका की सीनेट पर

सीनेट में ये बिल पास होता है या नहीं, इस पर पूरी इंडस्ट्री की नज़रें टिकी हैं। अगर बिल पास नहीं हुआ, तो बाजार में रिकवरी संभव है। लेकिन अगर पास हो गया, तो भारतीय सोलर कंपनियों की आमदनी, निवेश और विस्तार योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
🔚 निष्कर्ष: रिस्क के साथ अवसर भी
Waaree और Premier के शेयरों में गिरावट यह दर्शाती है कि वैश्विक नीति बदलावों का प्रभाव घरेलू कंपनियों पर भी पड़ता है। भारत में सोलर सेक्टर का भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन अमेरिका जैसे बड़े बाजारों पर निर्भरता से जोखिम भी है।
👉 निवेशकों को चाहिए कि वे अमेरिकी नीति, कंपनी के ऑर्डर बुक और भारत सरकार की रिन्यूएबल पॉलिसी पर करीबी नज़र रखें।
👉 यह भी पढ़ें: WAAREEENER शेयर प्राइस टारगेट 2025 से 2050 तक – जानिए आगे क्या होगा?
अस्वीकरण: यह कोई निवेश सलाह नहीं
“अमेरिका की नई नीति से हिली सोलर इंडस्ट्री : Waaree Energies और Premier Energies के शेयर गिरे ” लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य वित्तीय, निवेश या पेशेवर सलाह नहीं है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा एक योग्य सलाहकार से परामर्श लें – चाहे वह कानूनी हो, वित्तीय हो या कर संबंधी हो।
